ट्रंप ने ईरान को दी 48 घंटे की चेतावनी, पावर प्लांटों पर हमला कर सकता है अमेरिका

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर तेहरान 48 घंटे के अंदर हार्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने में असफल रहता है, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला कर सकता है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर यह संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि सबसे बड़े पावर प्लांट से हमला शुरू होगा। ट्रम्प ने यह अल्टीमेटम अमेरिकी समयानुसार सुबह 5:14 बजे पोस्ट किया, जिससे ईरान को मंगलवार सुबह तक की समयसीमा मिली।
ईरान का कड़ा जवाब
ट्रम्प की धमकी का जवाब देते हुए ईरानी सेना ने अमेरिका की क्षेत्रीय ऊर्जा, तकनीकी और जल शोधन संरचनाओं को निशाना बनाने की चेतावनी दी। ईरानी सैन्य कमांड खताम अल-एनबिया ने AFP समाचार एजेंसी को बताया कि अगर उनके ईंधन और ऊर्जा अवसंरचना पर किसी भी प्रकार का हमला होता है, तो अमेरिकी और क्षेत्रीय संरचनाओं को भी निशाना बनाया जाएगा। यह जवाब युद्ध की शुरुआत के लगभग एक दिन बाद आया, जबकि ट्रम्प ने पहले ही युद्ध को “धीरे-धीरे समाप्त” करने की बात कही थी।

हार्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक तेल संकट
ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद हार्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। इस जलडमरूमध्य के माध्यम से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और एलएनजी गुज़रता है। जलडमरूमध्य की बंदी के कारण तेल की आपूर्ति में बाधा आई है और देशों को वैकल्पिक मार्गों और भंडार का सहारा लेना पड़ रहा है। इस कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति का खतरा बढ़ गया है। यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, UAE और बहरीन जैसे कई देशों ने ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से बंद करने की निंदा की है।
परमाणु सुविधाओं पर हमला और प्रत्युत्तर
सैन्य संघर्ष के बीच ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर शनिवार को हवाई हमले हुए, जो युद्ध की शुरुआत के बाद दूसरा हमला था। ईरानी समाचार एजेंसी मिज़ान ने बताया कि रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ। पहले हमले में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा था। जवाब में ईरान ने इज़राइल के डिमोना और अराद शहरों में मिसाइल हमले किए, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए। इज़राइली सेना ने बताया कि डिमोना में परमाणु केंद्र वाली इमारत पर सीधे मिसाइल हिट हुआ। इस तरह क्षेत्रीय तनाव बढ़ता जा रहा है और हर क्षण वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर असर डाल सकता है।